दिल्ली हिंसा: बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष का घर भी फूंका- प्रेस रिव्यू
देश की राजधानी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा की आग उत्तर-पूर्वी दिल्ली बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष अख़्तर रज़ा के घर तक भी पहुंची.
टेलीग्राफ़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसक भीड़ ने भागीरथी विहार नाला रोड के पास स्थित अख़्तर रज़ा के घर को भी आग के हवाले कर दिया.
टेलीग्राफ़ की रिपोर्ट के अनुसार अख़्तर रज़ा ने उस वाक़ये को याद करते हुए कहा है, ''वे लोग धार्मिक नारे लगा रहे थे. शाम के क़रीब सात बज रहे थे जब उन्होंने हमारी तरफ़ पत्थर फेंकना शुरू किया. मैंने मदद के लिए पुलिस को फ़ोन किया लेकिन पुलिस ने मुझे यहां से जाने के लिए कहा. हम किसी तरह यहां से भागने में कामयाब रहे. लेकिन उन्होंने मेरा घर जला दिया.''
रिपोर्ट के मुताबिक़, इलाक़े में मुसलमानों के 19 घर एक ही गली में हैं. उन सभी को चुन-चुनकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई है.
अख़्तर रज़ा बीते पाँच सालों से बीजेपी से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा, ''बीजेपी से किसी ने मुझसे (हिंसा के बाद) संपर्क नहीं किया. किसी का फ़ोन नहीं आया. किसी तरह की कोई मदद नहीं मिली.''
रज़ा के घर के सामने एक गली से कुछ शव भी बरामद किए गए हैं.
भागीरथी विहार और उसके पास स्थित मुस्तफ़ाबाद में रविवार को माहौल तनाव पूर्ण रहा.
दिल्ली में 23 फ़रवरी की शाम भड़की हिंसा के बाद माहौल तनावपूर्ण होता गया और अगले तीन दिनों तक उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई इलाक़े हिंसा की आग में झुलसते रहे.
कई इलाक़ों में घरों और वाहनों को आग लगा दी गई. हिंसक भीड़ ने एक पेट्रोल पंप भी फूंक दिया.
दिल्ली हिंसा में अब तक क़रीब 42 लोगों के मारे गए हैं और कम से कम 200 लोग घायल हैं.
कोरोना वायरस की चपेट में अब दुनिया के 60 देश हैं. इसके साथ ही वायरस से प्रभावित लोगों और मरने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है.
द हिंदू में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया और थाईलैंड ने रविवार को कोरोना से हुई पहली मौतों का ज़िक्र किया है. इसके अलावा डोमिनिक रिपब्लिक और चेक रिपब्लिक में कोरोना वायरस के पहले मामले सामने आए हैं.
इटली के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि देश में कोरोना वायरस से कुल 40 फ़ीसदी आबादी प्रभावित है. 24 घंटों में वायरस की चपेट में 1576 लोग और आए. इस दौरान पाँच और लोगों की मौत हो गई. इटली में इस बीमारी से मरने वालों की कुल संख्या अब 34 हो गई है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में करीब 87 हज़ार लोग कोरोना वायरस की चपेट में हैं.
दिल्ली हिंसा: मारे गए शख़्स के पोस्टमॉर्टम की तस्वीरें और वीडियो लेने का आदेश
उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के दौरान मारे गए एक शख़्स के पोस्टमॉर्टम के दौरान वीडियो और तस्वीरें लेने का आदेश दिल्ली की एक अदालत ने दिए हैं.
द इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर के मुताबिक, मारे गए लोगों के पोस्टमार्टम में हो रही देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इस दौरान अदालत ने शनिवार को दिल्ली पुलिस और एक अस्पताल को यह आदेश दिया कि 26 फ़रवरी को मारे गए एक शख़्स के पोस्टमॉर्टम की तस्वीरें और वीडियो भी लिए जाएं.
पुलिस हिरासत से छूटने के एक दिन बाद उस शख़्स की मौत हो गई थी. उनके सिर पर गंभीर चोटें थीं.
मारे गए 23 वर्षीय शख़्स के भाई की याचिका पर अदालत ने सुनवाई के बाद पुलिस और अस्पताल को आदेश दिया. पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस हिरासत में उसे बुरी तरह टॉर्चर किया गया था और उसे गंभीर चोटें आई थीं, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. उसे रिहा होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें एक बार भी उससे मिलने नहीं दिया जबकि वो लोग कई बार थाना के चक्कर लगाते रहे.
टेलीग्राफ़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसक भीड़ ने भागीरथी विहार नाला रोड के पास स्थित अख़्तर रज़ा के घर को भी आग के हवाले कर दिया.
टेलीग्राफ़ की रिपोर्ट के अनुसार अख़्तर रज़ा ने उस वाक़ये को याद करते हुए कहा है, ''वे लोग धार्मिक नारे लगा रहे थे. शाम के क़रीब सात बज रहे थे जब उन्होंने हमारी तरफ़ पत्थर फेंकना शुरू किया. मैंने मदद के लिए पुलिस को फ़ोन किया लेकिन पुलिस ने मुझे यहां से जाने के लिए कहा. हम किसी तरह यहां से भागने में कामयाब रहे. लेकिन उन्होंने मेरा घर जला दिया.''
रिपोर्ट के मुताबिक़, इलाक़े में मुसलमानों के 19 घर एक ही गली में हैं. उन सभी को चुन-चुनकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई है.
अख़्तर रज़ा बीते पाँच सालों से बीजेपी से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा, ''बीजेपी से किसी ने मुझसे (हिंसा के बाद) संपर्क नहीं किया. किसी का फ़ोन नहीं आया. किसी तरह की कोई मदद नहीं मिली.''
रज़ा के घर के सामने एक गली से कुछ शव भी बरामद किए गए हैं.
भागीरथी विहार और उसके पास स्थित मुस्तफ़ाबाद में रविवार को माहौल तनाव पूर्ण रहा.
दिल्ली में 23 फ़रवरी की शाम भड़की हिंसा के बाद माहौल तनावपूर्ण होता गया और अगले तीन दिनों तक उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई इलाक़े हिंसा की आग में झुलसते रहे.
कई इलाक़ों में घरों और वाहनों को आग लगा दी गई. हिंसक भीड़ ने एक पेट्रोल पंप भी फूंक दिया.
दिल्ली हिंसा में अब तक क़रीब 42 लोगों के मारे गए हैं और कम से कम 200 लोग घायल हैं.
कोरोना वायरस की चपेट में अब दुनिया के 60 देश हैं. इसके साथ ही वायरस से प्रभावित लोगों और मरने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है.
द हिंदू में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया और थाईलैंड ने रविवार को कोरोना से हुई पहली मौतों का ज़िक्र किया है. इसके अलावा डोमिनिक रिपब्लिक और चेक रिपब्लिक में कोरोना वायरस के पहले मामले सामने आए हैं.
इटली के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि देश में कोरोना वायरस से कुल 40 फ़ीसदी आबादी प्रभावित है. 24 घंटों में वायरस की चपेट में 1576 लोग और आए. इस दौरान पाँच और लोगों की मौत हो गई. इटली में इस बीमारी से मरने वालों की कुल संख्या अब 34 हो गई है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में करीब 87 हज़ार लोग कोरोना वायरस की चपेट में हैं.
दिल्ली हिंसा: मारे गए शख़्स के पोस्टमॉर्टम की तस्वीरें और वीडियो लेने का आदेश
उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के दौरान मारे गए एक शख़्स के पोस्टमॉर्टम के दौरान वीडियो और तस्वीरें लेने का आदेश दिल्ली की एक अदालत ने दिए हैं.
द इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर के मुताबिक, मारे गए लोगों के पोस्टमार्टम में हो रही देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इस दौरान अदालत ने शनिवार को दिल्ली पुलिस और एक अस्पताल को यह आदेश दिया कि 26 फ़रवरी को मारे गए एक शख़्स के पोस्टमॉर्टम की तस्वीरें और वीडियो भी लिए जाएं.
पुलिस हिरासत से छूटने के एक दिन बाद उस शख़्स की मौत हो गई थी. उनके सिर पर गंभीर चोटें थीं.
मारे गए 23 वर्षीय शख़्स के भाई की याचिका पर अदालत ने सुनवाई के बाद पुलिस और अस्पताल को आदेश दिया. पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस हिरासत में उसे बुरी तरह टॉर्चर किया गया था और उसे गंभीर चोटें आई थीं, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. उसे रिहा होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें एक बार भी उससे मिलने नहीं दिया जबकि वो लोग कई बार थाना के चक्कर लगाते रहे.
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