लोकसभा चुनाव 2019: आख़िर मायावती ने क्यों छोड़ा चुनावी मैदान
बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने घोषणा की है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में वो ख़ुद चुनावी मैदान में नहीं होंगी. हालांकि वो पार्टी के उम्मीदवारों के लिए चुनावी मैदान में ज़ोर आजमाइश करते ज़रूर नज़र आएंगी. उनकी इस घोषणा से कई लोग चकित हैं लेकिन उनके राजनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड से परिचित लोग जानते हैं कि वो 2004 के बाद किसी भी चुनाव का सीधा सामना करने से बचती रही हैं. हालांकि उनके समर्थक इस फ़ैसले को पार्टी के लिए उनकी चिंता के तौर पर देखते हैं. वो समझते हैं कि उनकी नेता का क़द एक सांसद की राजनीति से कहीं ऊपर है. वहीं आलोचक चुनाव न लड़ने के फ़ैसले के पीछे उनके डर को देखते हैं. मायावती की पार्टी आगामी चुनावों में कभी उनके दुश्मन रहे समाजवादी पार्टी के साथ उतर रही हैं और दोनों पार्टियों का प्रदेश में गठबंधन की घोषणा पहले ही हो चुकी है. मायावती कभी भी कोई जोखिम उठाने से बचती रही हैं और यही कारण है कि पिछले 15 सालों से वो प्रत्यक्ष रूप से चुनावी मैदान में नहीं रही हैं. मायावती अपने राजनीतिक सफ़र के शीर्ष पर 2007 में पहुंची थीं, जब वो चौथी बार उत्तर प्रदेश की सत्ता पर क़ाबिज़ ह...